Raw Banana Powder Recipe In Hindi
आप घर पर ही कच्चे केले का पाउडर बनाकर शिशु को खिला सकती हैं। इससे बच्चे को ताकत मिलेगी और उसका विकास भी तेजी से होगा।
हिंदुस्तान विविधताओं का देश है। खासकर यहां की बोली और खानपान पग-पग में बदलते हैं। यहां लोग तरह-तरह के भोजन खाते हैं और बच्चों को भी देते हैं। इनमें ज्यादातर चीजें हेल्दी होती हैं और छुटपन से ही बच्चों के इम्यून को स्ट्राॅन्ग बनाती है और उन्हें बीमारियों तथा संक्रमण से लड़ने के लिए सक्षम बनाती हैं।
ऐसा ही एक फूड आइटम है केले का पाउडर। यह देश के दक्षिणी क्षेत्र में ज्यादा पसंद किया जाता है। आज हम इस लेख में जानेंगे कि केले से बना पाउडर के फायदे और इसे बनाने की विधि।
Natural Raw Banana Flour, 1kg, Packaging Type: Pouch
बनाने की विधिसबसे पहले कच्चे केले के दोनों सिरों को चाकू की मदद से थोड़ा-थोड़ा काट दें। छिलका छील लें और इन्हें बारीक काट लें। इनक कटे टुकड़ों को एक शीट पर फैला दें। इन्हें क्रिस्पी होने तक दो से तीन दिन तक सूखने के लिए छोड़ दें। क्रिस्पी होने पर इन टुकड़ों को अच्छी तरह ग्राइंड कर लें। ग्राइंड करके इन्हें छलनी से छान लें। यदि कोई मोटा टुकड़ा बच गया है, तो अलग कर लें। आपका केले से बना पाउडर तैयार है। यह भी पढ़ें : शिशु के लिए Dry Fruit Powder बनाने का तरीका, बच्चा अंदर से बनेगा स्ट्रॉन्ग
कच्चे केले का पाउडर बनाने से पहले रखें इन बातें का ध्यानपाउडर बनाने के लिए कच्चे केले का ही इस्तेमाल करें।केले के इस्तेमाल से पहले उसे अच्छी तरह साफ कर लें।केले को अच्छी तरह से स्लाइस में काटें।केले के टुकड़ों को शीट में सही तरह से फैलाना न भूलें ताकि वे अच्छी तरह धूप में सूख सकें।ध्यान रखें कि केले का एक भी बीज पाउडर में न हो। दरअसल केले का बीज बच्चे आसानी नहीं पचा पाते। इससे उन्हें दिक्कत हो सकती है।केले से बने पाउडर को एयरटाइट जार में ही स्टोर करें।केले से पाउडर कम मात्रा में ही बनाएं। बच्चे के लिए नित ताजा पाउडर बनाकर रखें।इस पाउडर से बच्चे के कब्ज की शिकायत अमूमन नहीं होती है।
कब दें बच्चे को कच्चे केले से बना पाउडरआमतौर पर 6 महीने की उम्र के बाद बच्चे को हर तरह की डाइट दी जा सकती है। यही बात इस पाउडर के साथ भी है। 6 माह की उम्र के बाद से आप अपने बच्चे को यह पाउडर दे सकते हैं। ध्यान रखें कि जब आपका बच्चा सॉलिड फूड खाने के तैयार हो, तभी उसे यह फूड दें। यह भी पढ़ें : बच्चों को घर पर बनाकर खिलाएं बादाम का पाउडर, सेहत होगी दुरुस्त
Raw Banana Powder For Babies
कच्चे केले से बने पाउडर के फायदे केले के तो असंख्य फायदों से आप वाकिफ ही होंगे। अब सवाल उठता है कि केले के बजाय केले के पाउडर का इस्तेमाल क्यों किया जाए? क्या इसमें ऐसा कुछ मौजूद है, जो खासकर बच्चों के लिए फायदेमंद हो।यह बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत करता है।इसमें पोटेशियम और सभी जरूरी पौष्टिक तत्व होते हैं, जो कि बच्चों के लिए जरूरी हैं।बच्चे इसे आसानी से पचा सकते है।।केला खाने से अक्सर बच्चों को कब्ज की शिकायत हो जाती है। जबकि केले के पाउडर से यह दिक्कत नहीं होती।केला खाने से सर्दी-खांसी हो सकती है। लेकिन केले का पाउडर खाने से जरूरी नहीं है कि बच्चों को ऐसा कुछ हो।यह बच्चों के मस्तिष्क के लिए फायदेमंद माना जाता है।डायबिटीज का घरेलू उपचार जानना हो या फिर वजन कम करने का तरीका, हेल्थ से जुड़ी हर जानकारी है हमारे पास, तो जल्दी से फॉलो करें हमारा वॉट्सऐप चैनल
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बनाने की विधिसबसे पहले कच्चे केले के दोनों सिरों को चाकू की मदद से थोड़ा-थोड़ा काट दें। छिलका छील लें और इन्हें बारीक काट लें। इनक कटे टुकड़ों को एक शीट पर फैला दें। इन्हें क्रिस्पी होने तक दो से तीन दिन तक सूखने के लिए छोड़ दें। क्रिस्पी होने पर इन टुकड़ों को अच्छी तरह ग्राइंड कर लें। ग्राइंड करके इन्हें छलनी से छान लें। यदि कोई मोटा टुकड़ा बच गया है, तो अलग कर लें। आपका केले से बना पाउडर तैयार है। यह भी पढ़ें : शिशु के लिए Dry Fruit Powder बनाने का तरीका, बच्चा अंदर से बनेगा स्ट्रॉन्ग
कच्चे केले का पाउडर बनाने से पहले रखें इन बातें का ध्यानपाउडर बनाने के लिए कच्चे केले का ही इस्तेमाल करें।केले के इस्तेमाल से पहले उसे अच्छी तरह साफ कर लें।केले को अच्छी तरह से स्लाइस में काटें।केले के टुकड़ों को शीट में सही तरह से फैलाना न भूलें ताकि वे अच्छी तरह धूप में सूख सकें।ध्यान रखें कि केले का एक भी बीज पाउडर में न हो। दरअसल केले का बीज बच्चे आसानी नहीं पचा पाते। इससे उन्हें दिक्कत हो सकती है।केले से बने पाउडर को एयरटाइट जार में ही स्टोर करें।केले से पाउडर कम मात्रा में ही बनाएं। बच्चे के लिए नित ताजा पाउडर बनाकर रखें।इस पाउडर से बच्चे के कब्ज की शिकायत अमूमन नहीं होती है।
कब दें बच्चे को कच्चे केले से बना पाउडरआमतौर पर 6 महीने की उम्र के बाद बच्चे को हर तरह की डाइट दी जा सकती है। यही बात इस पाउडर के साथ भी है। 6 माह की उम्र के बाद से आप अपने बच्चे को यह पाउडर दे सकते हैं। ध्यान रखें कि जब आपका बच्चा सॉलिड फूड खाने के तैयार हो, तभी उसे यह फूड दें। यह भी पढ़ें : बच्चों को घर पर बनाकर खिलाएं बादाम का पाउडर, सेहत होगी दुरुस्त
Raw Banana Powder For Babies
कच्चे केले से बने पाउडर के फायदे केले के तो असंख्य फायदों से आप वाकिफ ही होंगे। अब सवाल उठता है कि केले के बजाय केले के पाउडर का इस्तेमाल क्यों किया जाए? क्या इसमें ऐसा कुछ मौजूद है, जो खासकर बच्चों के लिए फायदेमंद हो।यह बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत करता है।इसमें पोटेशियम और सभी जरूरी पौष्टिक तत्व होते हैं, जो कि बच्चों के लिए जरूरी हैं।बच्चे इसे आसानी से पचा सकते है।।केला खाने से अक्सर बच्चों को कब्ज की शिकायत हो जाती है। जबकि केले के पाउडर से यह दिक्कत नहीं होती।केला खाने से सर्दी-खांसी हो सकती है। लेकिन केले का पाउडर खाने से जरूरी नहीं है कि बच्चों को ऐसा कुछ हो।यह बच्चों के मस्तिष्क के लिए फायदेमंद माना जाता है।डायबिटीज का घरेलू उपचार जानना हो या फिर वजन कम करने का तरीका, हेल्थ से जुड़ी हर जानकारी है हमारे पास, तो जल्दी से फॉलो करें हमारा वॉट्सऐप चैनल
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कच्चे केले का पाउडर बनाने से पहले रखें इन बातें का ध्यानपाउडर बनाने के लिए कच्चे केले का ही इस्तेमाल करें।केले के इस्तेमाल से पहले उसे अच्छी तरह साफ कर लें।केले को अच्छी तरह से स्लाइस में काटें।केले के टुकड़ों को शीट में सही तरह से फैलाना न भूलें ताकि वे अच्छी तरह धूप में सूख सकें।ध्यान रखें कि केले का एक भी बीज पाउडर में न हो। दरअसल केले का बीज बच्चे आसानी नहीं पचा पाते। इससे उन्हें दिक्कत हो सकती है।केले से बने पाउडर को एयरटाइट जार में ही स्टोर करें।केले से पाउडर कम मात्रा में ही बनाएं। बच्चे के लिए नित ताजा पाउडर बनाकर रखें।इस पाउडर से बच्चे के कब्ज की शिकायत अमूमन नहीं होती है।
कब दें बच्चे को कच्चे केले से बना पाउडरआमतौर पर 6 महीने की उम्र के बाद बच्चे को हर तरह की डाइट दी जा सकती है। यही बात इस पाउडर के साथ भी है। 6 माह की उम्र के बाद से आप अपने बच्चे को यह पाउडर दे सकते हैं। ध्यान रखें कि जब आपका बच्चा सॉलिड फूड खाने के तैयार हो, तभी उसे यह फूड दें। यह भी पढ़ें : बच्चों को घर पर बनाकर खिलाएं बादाम का पाउडर, सेहत होगी दुरुस्त
Raw Banana Powder For Babies
कच्चे केले से बने पाउडर के फायदे केले के तो असंख्य फायदों से आप वाकिफ ही होंगे। अब सवाल उठता है कि केले के बजाय केले के पाउडर का इस्तेमाल क्यों किया जाए? क्या इसमें ऐसा कुछ मौजूद है, जो खासकर बच्चों के लिए फायदेमंद हो।यह बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत करता है।इसमें पोटेशियम और सभी जरूरी पौष्टिक तत्व होते हैं, जो कि बच्चों के लिए जरूरी हैं।बच्चे इसे आसानी से पचा सकते है।।केला खाने से अक्सर बच्चों को कब्ज की शिकायत हो जाती है। जबकि केले के पाउडर से यह दिक्कत नहीं होती।केला खाने से सर्दी-खांसी हो सकती है। लेकिन केले का पाउडर खाने से जरूरी नहीं है कि बच्चों को ऐसा कुछ हो।यह बच्चों के मस्तिष्क के लिए फायदेमंद माना जाता है।डायबिटीज का घरेलू उपचार जानना हो या फिर वजन कम करने का तरीका, हेल्थ से जुड़ी हर जानकारी है हमारे पास, तो जल्दी से फॉलो करें हमारा वॉट्सऐप चैनल
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